– कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करतीं समूह की महिलाएं।

फतेहपुर: हस्वा विकास खण्ड की ग्राम सभा सनगांव में रिक्त चल रही सरकारी उचित दर की दुकान के लिए सम्पन्न कराई गयी आवंटन प्रक्रिया को मानक विहीन बताते हुए जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की जांच कराकर न्याय दिलाये जाने की मांग की गयी है।
जिलाधिकारी को दिये गये शिकायती पत्र में सनगांव की सहायता समूह की अध्यक्ष चन्द्र किरन के नेतृत्व में समिति के पदाधिकारियों व सचिवों ने बताया कि प्रशासन के आदेश पर रिक्त चल रहे गांव के कोटे की दुकान के लिए 15 सितम्बर को बैठक आहूत की गयी। बैठक में शासनादेश के तहत समूह द्वारा भी आवेदन किया गया था। शासनादेश में स्पष्ट है कि एक से अधिक स्वयं सहायता समूहों के आवेदन करने पर उस स्वयं सहायता समूह को वरीयता प्रदान की जायेगी जिस समूह में क्रियाशील सदस्यों की संख्या अधिक हो। क्रियाशील सदस्यों की संख्या का निर्धारण उपायुक्त (स्वतः रोजगार) राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का अभिमत प्राप्त करते हुए उचित दर दुकान के चयन के लिए गठित चयन समिति द्वारा विचार किया जायेगा। इतना ही नहीं शासनादेश के बिन्दु संख्या 4 में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवेदक स्वयं सहायता समूहों में क्रियाशील सदस्यों की संख्या बराबर होने की स्थिति में आवेदक स्वयं सहायता समूह की बैलेंसशीट में तुलनात्मक रूप से जो समूह आर्थिक लाभ की स्थिति में होगा उसे आवंटन प्रक्रिया में वरीयता प्रदान की जायेगी। लेकिन चयन समिति की बैठक में शामिल अधिकारियों ने सांठगांठ करके उसके आवेदन पत्र पर विचार नहीं किया। साथ ही गलत व्यक्ति का नियम विरूद्ध चयन करके आवंटन की सिफारिश करते हुए प्रस्ताव भेज दिया है। समूह ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराये जाने की गुहार लगायी है। इस मौके पर नीतू देवी, चित्ररेखा, शोभा देवी, शांति देवी, सियामती, पुष्पराज पासवान, महेश कुमार, शाहीन बानो, बकरीदी, सलीम आदि शामिल रहे।

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