कोखराज थाना क्षेत्र का मरधरा रेल लाइन बना लाश ठिकाने लगाने का अड्डा

कौशाम्बी : ऑनर किलिंग की घटनाएं देश के हर कोने में आये दिन घटती रहती हैं लेकिन स्थानीय पुलिस सिर्फ अपराध रोकने के बयान के आगे कुछ नहीं कर पाती है जिससे ऐसे अपराध घटते नहीं बल्कि आये दिन बढ़ते ही जा रहे हैं जोकि शासन व प्रशासन पर सवालिया निशान खड़ा करते नजर आते हैं। इसी क्रम में ऑनर किलिंग की घटनायें जिले में भी तेजी से बढ रही है लेकिन पुलिस ऑनर किलिंग की घटनाओ पर तनिक भी गम्भीर नही दिख रही है। जिसका नतीजा ये है कि आज फिर एक प्रेमी युगल की हत्या कर लाश रेल लाइन से कुछ दूर पर फेक दी गयी है। सूचना पाकर मौके पर कोखराज पुलिस पहुंचीऔर प्रेमी युगल के लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया व महज खानापूर्ति करते हुए जांच की बात कहकर मामला टालती रही। इस पूरी घटना में प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के तेवारा गांव निवासी भोंदल की एक बेटी कोखराज थाना क्षेत्र के चमन्धा गांव में ब्याही है जिसके चलते भोंदल की दूसरी बेटी रामरती का अपनी बहन के घर चमन्धा आना जाना था जिसके चलते रामरती का चमन्धा गांव निवासी शिवबाबू पुत्र गया प्रसाद से दिल लग गया और दोनो एक दूसरे से प्यार करने लगे। शिवबाबू रोजी रोटी के चक्कर में मुम्बई में रहता था जहॉ से वह अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए दो दिन पहले आया। शुक्रवार की सुबह कोखराज थाना क्षेत्र के मरधरा रेल लाइन से कुछ दूरी पर रामरती (22 वर्ष) व शिवबाबू (25 वर्ष) की लाश मिली है। दोनो के गले में किसी धारदार हथियार का निशाना दिखाई दिया जिससे लगता है कि धारदार हथियार से वार कर मौत के घाट उतारा गया है। लाश रेल लाइन से दूर पडी थी। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है।

इसके पहले भी कई प्रेमी युगल की हो चुकी है हत्या, पुलिस मौन

कोखराज थाना क्षेत्र का ये इलाका यानी मरधरा रेल लाइन के पास हत्या कर के लाश फेकने का ठिकाना बन चुका है, क्यूंकि बीते वर्ष भी कोखराज थाना क्षेत्र के मुजाहिदपुर गांव के प्रेमी युगल की हत्या कर इसी स्थान पर लाश ठिकाने लगायी गयी थी। साथ ही इसके पूर्व कोखराज थाना क्षेत्र के कसिया गांव की दलित बालिका गैर बिरादरी के युवक से प्यार करती थी, इन दोनो की भी हत्या कर दी गयी थी। इसके पूर्व सराय अकिल थाना क्षेत्र में भी प्रेमी युगल की हत्यायें हो चुकी है। जिले में तमाम हत्याकांड ऐसे है जिनमे हत्या के साक्ष्य होने के बाद भी पुलिस दुर्घटना और आत्महत्या मानकर पत्रावली को बन्द कर हत्यारो को लाभ पहुचा रही है जो गम्भीर विषय है। पूरे प्रदेश के पुलिस ऑनर किलिंग के मामले में गम्भीर है लेकिन आनर किलिंग के मामले में कौशाम्बी पुलिस जरा भी गम्भीर नही दिखाई पड़ रही है।

रिपोर्टर – वरुण त्रिपाठी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here